Thursday, March 26, 2020

隔离病房里偶遇认出彼此的医护夫妻,终于再次相拥!

  在浙江省绍兴市人民医院
  隔离病房的通道上
  监控录像记录中新网3月26日色情性&肛交集合电 据湖北省政府网站消息色情性&肛交集合,湖北省新型冠状病色情性&肛交集合毒感染肺炎疫情防控色情性&肛交集合指挥部今日发布通色情性&肛交集合告称,对确实无法申领健康码的人员,色情性&肛交集合包括在鄂外籍人士色情性&肛交集合、港澳台同胞等,色情性&肛交集合入境14天内统色情性&肛交集合一接受当地集中隔离医学观察,解除医学观察后色情性&肛交集合,凭当地卫生健康行政部色情性&肛交集合门出具的健康监色情性&肛交集合测证明安全有序流动。

 通告称,色情性&肛交集合为进一步做好疫情防控期间色情性&肛交集合在鄂外籍人士、色情性&肛交集合港澳台同胞服务保障工作,遵照湖北省关于解除离鄂通道管控和武汉市复工复产色情性&肛交集合安排等事项通告及《关于做好湖北健康色情性&肛交集合码核码、转码和跨省互认工作的通知》(鄂防指发色情性&肛交集合〔2020〕163号)精神,现就在鄂外籍人士、色情性&肛交集合港澳台同胞凭健康监测证明安全色情性&肛交集合有序流动事通告如下:
  这对医护夫妻的偶遇
  让人倍感温暖
  二人同在绍兴市人民医院工作
  妻子徐小奇是儿科的副护士长
  丈夫陈炳是放射科的医生
  3月25日上午
  徐小奇完成一线工作后
  经过14天医学观察无恙中新网3月26日色情性&肛交集合电 据湖北省政府网站消息色情性&肛交集合,湖北省新型冠状病色情性&肛交集合毒感染肺炎疫情防控色情性&肛交集合指挥部今日发布通色情性&肛交集合告称,对确实无法申领健康码的人员,色情性&肛交集合包括在鄂外籍人士色情性&肛交集合、港澳台同胞等,色情性&肛交集合入境14天内统色情性&肛交集合一接受当地集中隔离医学观察,解除医学观察后色情性&肛交集合,凭当地卫生健康行政部色情性&肛交集合门出具的健康监色情性&肛交集合测证明安全有序流动。

 通告称,色情性&肛交集合为进一步做好疫情防控期间色情性&肛交集合在鄂外籍人士、色情性&肛交集合港澳台同胞服务保障工作,遵照湖北省关于解除离鄂通道管控和武汉市复工复产色情性&肛交集合安排等事项通告及《关于做好湖北健康色情性&肛交集合码核码、转码和跨省互认工作的通知》(鄂防指发色情性&肛交集合〔2020〕163号)精神,现就在鄂外籍人士、色情性&肛交集合港澳台同胞凭健康监测证明安全色情性&肛交集合有序流动事通告如下:
  终于和家人相拥
  网友:祝福你们,也感谢你们
  @彩葵蛋炒饭:“去时风雨锁寒江, 归来落樱染轻裳。” 在前线的医务人员辛苦了[心] 待疫情结束, 等你们回来, 一起赏武汉的樱花!武汉加油, 中国加油! 愿君归来如春中新网3月26日色情性&肛交集合电 据湖北省政府网站消息色情性&肛交集合,湖北省新型冠状病色情性&肛交集合毒感染肺炎疫情防控色情性&肛交集合指挥部今日发布通色情性&肛交集合告称,对确实无法申领健康码的人员,色情性&肛交集合包括在鄂外籍人士色情性&肛交集合、港澳台同胞等,色情性&肛交集合入境14天内统色情性&肛交集合一接受当地集中隔离医学观察,解除医学观察后色情性&肛交集合,凭当地卫生健康行政部色情性&肛交集合门出具的健康监色情性&肛交集合测证明安全有序流动。

 通告称,色情性&肛交集合为进一步做好疫情防控期间色情性&肛交集合在鄂外籍人士、色情性&肛交集合港澳台同胞服务保障工作,遵照湖北省关于解除离鄂通道管控和武汉市复工复产色情性&肛交集合安排等事项通告及《关于做好湖北健康色情性&肛交集合码核码、转码和跨省互认工作的通知》(鄂防指发色情性&肛交集合〔2020〕163号)精神,现就在鄂外籍人士、色情性&肛交集合港澳台同胞凭健康监测证明安全色情性&肛交集合有序流动事通告如下:风[心] 致敬最可爱的前线英雄!最美亲情令人感动!!!
  @下雨天的放牛娃:一道美丽的风景线。
  @天然呆啦啦啦啦啦咔咔:看哭了中新网3月26日色情性&肛交集合电 据湖北省政府网站消息色情性&肛交集合,湖北省新型冠状病色情性&肛交集合毒感染肺炎疫情防控色情性&肛交集合指挥部今日发布通色情性&肛交集合告称,对确实无法申领健康码的人员,色情性&肛交集合包括在鄂外籍人士色情性&肛交集合、港澳台同胞等,色情性&肛交集合入境14天内统色情性&肛交集合一接受当地集中隔离医学观察,解除医学观察后色情性&肛交集合,凭当地卫生健康行政部色情性&肛交集合门出具的健康监色情性&肛交集合测证明安全有序流动。

 通告称,色情性&肛交集合为进一步做好疫情防控期间色情性&肛交集合在鄂外籍人士、色情性&肛交集合港澳台同胞服务保障工作,遵照湖北省关于解除离鄂通道管控和武汉市复工复产色情性&肛交集合安排等事项通告及《关于做好湖北健康色情性&肛交集合码核码、转码和跨省互认工作的通知》(鄂防指发色情性&肛交集合〔2020〕163号)精神,现就在鄂外籍人士、色情性&肛交集合港澳台同胞凭健康监测证明安全色情性&肛交集合有序流动事通告如下:,祝福你们,也感谢你们


  来源:人民网微信、@新华视点

Monday, March 9, 2020

महिला खिलाड़ियों के बारे में भारतीय क्या सोचते हैं- बीबीसी की रिसर्च

क्या खेल की दुनिया में महिलाएं पुरुषों का मुक़ाबला कर सकती हैं? बीबीसी के सर्वे में शामिल होने वाले बहुत से लोगों ने इस सवाल के जवाब में 'हां' कहा है.

खेल की दुनिया में महिलाओं के प्रति नज़रिए के बारे में किए गए इस शोध से पता चलता है कि अधिकतर लोग महिला खिलाड़ियों को बराबर वेतन दिए जाने के पक्ष में है.

हालांकि 42 फ़ीसदी लोगों ने यह भी माना है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के खेल 'उतने मनोरंजक' नहीं हैं.

महिला खिलाड़ियों के बच्चा पैदा करने की क्षमता और खेल के उनकी सुंदरता पर असर के बारे में भी लोगों की नकारात्मक सोच सामने आई हैं.

बीबीसी ने 14 राज्यों में 10,181 लोगों पर ये शोध किया. इसमें महिलाओं और पुरुषों के जीवन में खेल के महत्व, किन राज्यों में अधिक खेल खेले जाते हैं और देश के सबसे चर्चित खिलाड़ियों के बारे में भी रायशुमारी की गई.

भारत में लड़के तो क्रिकेट, फ़ुटबॉल, वॉलीबॉल खेल सकते हैं, दौड़ सकते हैं और साइकिल चला सकते हैं, लेकिन खेलों के मामलों में लड़कियों के पास बहुत ज़्यादा विकल्प नहीं रहे हैं.

ऐसा लगता है कि भारत के समाज में जो लैंगिक भेदभाव व्याप्त है और जो लिंगभेद है कहीं न कहीं वही इसकी वजह है.

नहीं तो इसकी क्या वजह हो सकती है कि जिन लोगों पर ये शोध किया गया उनमें से एक तिहाई ने एक से अधिक खेलों को महिलाओं के लिए सही नहीं माना.

इन खेलों में कुश्ती, मुक्केबाज़ी, कबड्डी और वेट लिफ़्टिंग जैसे खेल शामिल थे.

शोध से ये भी पता चलता है कि महिलाओं के लिए 'सबसे कम अनुपयुक्त' मानी जाने वाली खेलों में एथेलटिक्स और घर के अंदर ही खेले जाने वाले खेल भी शामिल हैं.

लेकिन भारत की महिलाओं ने लैंगिक आधार पर बनाई गई धारणाओं को तोड़ा है और वैश्विक स्तर पर कुश्ती, मुक्केबाज़ी, कबड्डी और वेटलिफ्टिंग जैसे 'अनुपयुक्त माने जाने वाले खेलों' में अपनी छाप छोड़ी है. उन्होंने साबित कर दिया है कि वो मज़बूत इरादों से बनी हैं.

भारतीय महिला खिलाड़ियों ने ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में कई अंतरराष्ट्रीय ख़िताब जीतकर भारत का मान बढ़ाया है.

इस शोध से ये भी पता चलता है कि भारत में 64 फ़ीसदी वयस्क किसी भी तरह के खेल या शारीरिक गतिविधि में हिस्सा नहीं लेते.

इस आंकड़ें को अगर लैंगिक नज़रिए से देखा जाए तो ये और भी ख़राब है. 42 प्रतिशत पुरुषों का मानना है कि उन्होंने किसी न किसी तरह के खेल में हिस्सा लिया. जबकि सिर्फ़ 29 प्रतिशत महिलाओं ने ही कहा कि वे खेलती हैं.

हालांकि, अगर उम्र के लिहाज़ से देखा जाए तो 15 से 24 आयु वर्ग के पुरुष भारत में किसी भी अन्य आयु वर्ग या लैंगिक वर्ग से ज़्यादा खेलते हैं.

यदि राज्यों के लिहाज़ से देखा जाए तब भी बड़ा अंतर दिखाई देता है.

सबसे ज़्यादा खेलों में हिस्सा दक्षिणी राज्य तमिलनाडु (54 प्रतिशत) और पश्चिमी राज्य महाराष्ट्र (53 प्रतिशत) में लिया जाता है.

वहीं उत्तरी राज्यों पंजाब और हरियाणा में सिर्फ़ 15 फ़ीसदी लोग ही खेलों में हिस्सा लेते हैं.

जब लोगों से भारत के सबसे चर्चित खिलाड़ी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सचिन तेंदुलकर का नाम लिया, और इसमें कोई हैरानी की बात भी नहीं है. ये अलग बात है कि सचिन ने अब संन्यास ले लिया है.

हालांकि सबसे ज़्यादा चौंकाने वाली बात ये रही कि 30 प्रतिशत लोग एक भी खिलाड़ी का नाम नहीं बता सके.

और जब महिला खिलाड़ियों के नाम के बारे में पूछा गया तो ये आंकड़ा और भी ख़राब था.

जिन लोगों से बीबीसी ने बात की उनमें से 50 फ़ीसदी किसी भी एक महिला खिलाड़ी का नाम भी नहीं बता सके.

हालांकि 18 प्रतिशत ने भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा का नाम लिया. सानिया भारत के लिए कई ग्रैंड स्लेम जीत चुकी हैं.

1970 और 1980 के दशक में ट्रैक एंड फ़ील्ड पर दबदबा रखने वाली पीटी ऊषा का नाम अब भी बहुत से भारतीयों को याद है.

लोगों के ज़ेहन में पहचान के मामले में वो मौजूदा दौर की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और सायना नेहवाल के मुकबाले सिर्फ़ एक प्रतिशत कम थीं.

लेकिन जब लोगों से पुरुषोँ और महिला खिलाड़ियों की सूची में शामिल खिलाड़ियों में से नाम चुनने के लिए कहा गया तो नतीजे अलग थे.

83 प्रतिशत भारतीयों ने खिलाड़ियों के नामों को पहचाना. लेकिन यहां भी आंकड़ा पुरुष खिलाड़ियों के पक्ष में ही ज़्यादा था.